Super Computer क्या है? किसने बनाया और कैसे कार्य करता है?

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Super Computer hindi

आज के इस लेख के जरिए हम आपको यह बताने की कोशिश करेंगे कि Super Computer क्या है? और सुपर कंप्यूटर कैसे काम करता है और साधारण कंप्यूटर से इसे कैसे अलग बनाया गया है? आजकल हम अपने जीवन की हर दैनिक प्रक्रिया में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं और यह टेक्नोलॉजी कंप्यूटर के बिना अस्तित्व में ही नहीं आ सकती.

सुपर कंप्यूटर का नाम तो आपने सुना ही होगा पर कहीं लोगों को यह पता नहीं होता कि एक सामान्य कंप्यूटर और सुपर कंप्यूटर में क्या अंतर है तो आज उन्हीं लोगों के लिए हम यह आर्टिकल लिख रहे हैं.

हम अपनी रोज ब रोज की प्रक्रिया में जिस Computer का इस्तेमाल करते हैं उसे साधारण कंप्यूटर कहा जाता है. और ऐसे कंप्यूटर से छोटे-छोटे कार्य जैसे कि साधारण calculations करना, Microsoft word file बनाना, power point presentation  बनाना, गेम खेलना, movie देखना और साधारण browsing करना जैसे काम हम साधारण कंप्यूटर की मदद से कर सकते हैं.

पर ऐसे भी कुछ कार्य होते हैं जो कि एक सामान्य कंप्यूटर नहीं कर सकता है, तो ऐसे कार्यों को करने के लिए हमें सुपर कंप्यूटर का सहारा लेना पड़ता है.

सुपर कंप्यूटर क्या है? – What is Super Computer?

सुपर कंप्यूटर क्या है यह समझने से पहले हमें यह समझना होगा कि computer क्या होता है? computer एक सामान्य हेतु से काम करने वाला मशीन है. जोकि input devices जैसे के keyboard और mouse के जरिए user से कुछ data collect करता है और फिर उस data की प्रक्रिया करता है और आखिर में प्रक्रिया खत्म हो जाने के बाद वह user को उस input data का output देता है. हर एक सामान्य कंप्यूटर इसी तरह से कार्य करता है लेकिन एक सुपर कंप्यूटर का कार्य इससे कई गुना ज्यादा तेज होता है.

Super Computer का इस्तेमाल वहां पर किया जाता है जहां पर बहुत ज्यादा पावर और तेजी से Real-time मैं बड़े कैलकुलेशन की जरूरत पड़ती है.

सुपर कंप्यूटर एक सामान्य कंप्यूटर की तरह एक ही समय एक ही कार्य नहीं करता, बल्कि एक समय में कई सारे कार्यों को एक साथ करने की क्षमता रखता है.

मौसम के बारे में जानकारी लेने के लिए, बड़े-बड़े मशीनों को बनाने के लिए, natural resources के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए हम “सुपर कंप्यूटर” का इस्तेमाल करते हैं. और जो कंप्यूटर इन से बड़े बड़े कामों को चुटकियों में कर लेता है उसे हम सुपर कंप्यूटर कहते हैं.

सुपर कंप्यूटर एक साधारण कंप्यूटर के मुकाबले बहुत ज्यादा क्षमता से कार्य कर सकता है और बड़े-बड़े calculations को चंद सेकेंड के अंदर पूरा करने की क्षमता रखता है.

Super Computer कैसे कार्य करता है?

सामान्य कंप्यूटर Serial processing  पर कार्य करता है जबकि सुपर कंप्यूटर parallel processing पर कार्य करता है.

Serial processing मतलब एक कार्य समाप्त होने के बाद ही दूसरे कार्य को करना. और parallel processing का मतलब एक ही समय अनगिनत कार्यों को करना. Serial processing की वजह से सामान्य कंप्यूटर के कार्य करने की गति धीमी होती है. पर सुपर कंप्यूटर में हजारों processor लगे हुए होते हैं जो प्रति सेकंड लाखों कैलकुलेशन करने की क्षमता रखता है.

Super Computer अपने कार्य को करने के लिए parallel processing का इस्तेमाल करते हैं. जिसमें वह एक कार्य को छोटे-छोटे कार्यों में विभाजित कर देता है. और सुपर कंप्यूटर में लगे हुए हजारों प्रोसेसर उन सभी विभाजित किए हुए कार्यों को एक समय पर करते हैं.

सुपर कंप्यूटर में लगे हुए हजारों प्रोसेसर एक साथ कार्य करते हैं और किसी भी जटिल परिस्थिति का कुछ ही सेकंड के अंदर solution निकाल लेते हैं.

कोई कंप्यूटर कितनी बड़ी calculation कितनी जल्दी से कर लेता है इस काबिलियत के हिसाब से किसी कंप्यूटर को सुपर कंप्यूटर का दर्जा दिया जाता है. सुपर कंप्यूटर 1 सेकंड में 1 अरब तक की गणना कर सकता है.

सुपर कंप्यूटर की गति कैसे मापी जाती है

Super computer की गति FLOPS (Floating point operation per second) मैं मापी जाती है, जबकि एक साधारण कंप्यूटर की गति MIPS (Million instructions per second) मैं मापी जाती है. हमारे साधारण कंप्यूटर में Windows, Linux ऐसी Operating System(OS) का इस्तेमाल किया जाता है पर क्या आपको पता है की सुपर कंप्यूटर में किस ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है?

जब नए सुपर कंप्यूटर की शुरुआत हुई थी तो यह सुपर कंप्यूटर UNIX operating system पर काम करते थे पर अभी टेक्नोलॉजी बदल गयी है और टेक्नोलॉजी के इस बदलाव की वजह से ज्यादातर सुपर कंप्यूटर में Linux operating system का इस्तेमाल किया जाता है. और सुपर कंप्यूटर के कार्य के हिसाब से उसकी operating system में भी बदलाव किया जाता है. और भी कई सारी operating system का इस्तेमाल सुपर कंप्यूटर में किया जाता है.

Super computer का इस्तेमाल-

  • सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल एक साथ करोड़ो, अरबों calculations करने के लिए किया जाता है.
  • ज्यादातर सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल वैज्ञानिक कार्यों, engineering applications के लिए ही किया जाता है.
  • किसी programming language को बनाने के लिए सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है.
  • जलवायु क्षेत्रों में research करने के लिए भी सुपर कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है.
  • Space stations मैं सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है.
  • बड़ी-बड़ी मशीनों का आविष्कार करने के लिए भी सुपर कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है.

सुपर कंप्यूटर के तो ऐसे अनगिनत कार्य है. आसान शब्दों में कहा जाए तो जो काम एक साधारण कंप्यूटर नहीं कर सकता है वह कार्य एक सुपर कंप्यूटर बड़ी ही आसानी से कर सकता है.

सुपर कंप्यूटर की कीमत कितनी होती है

सुपर कंप्यूटर की कीमत भी बहुत ज्यादा होती है. सामान्य कंप्यूटर के मुकाबले तो कहीं गुना ज्यादा है. एक सामान्य इंसान के लिए सुपर कंप्यूटर को खरीदना संभव नहीं है. सुपर कंप्यूटर की कीमत उसके कार्य करने की क्षमता के हिसाब से नक्की की जाती है/ जैसे कि सुपर कंप्यूटर की Flops कितनी है, इस हिसाब से भी सुपर कंप्यूटर की कीमत आंकी जाती है. जो सुपर कंप्यूटर सबसे ज्यादा तेज होगा उसकी कीमत उतनी ही ज्यादा होगी.

एक सामान्य कंप्यूटर के मुकाबले सुपर कंप्यूटर की size भी बहुत बड़ी होती है. इसकी ऊंचाई कुछ फीट से लेकर 100 फिट तक की होती है. इसीलिए सुपर कंप्यूटर की कीमत ज्यादा होती है.

सुपर कंप्यूटर की कीमत 100,000$ से लेकर 100$ Million तक की होती है.

एक सुपर कंप्यूटर की size इस पर भी निर्भर करती है कि वह कितने छोटे-छोटे कंप्यूटरों से मिलकर बना हुआ है. एक सुपर कंप्यूटर कहीं सारे कंप्यूटरों को मिलाकर बना हुआ होता है और वे सभी कंप्यूटर एक साथ कार्य करते हैं. एक सामान्य कंप्यूटर के मुकाबले सुपर कंप्यूटर हजारों गुना ज्यादा तेजी से और accurate कार्य करता है.

अब हम आपको यह बताएंगे कि सुपर कंप्यूटर किसने बनाया था?

सुपर कंप्यूटर कब और किसने बनाया था?

अगर आपको कंप्यूटर के इतिहास के बारे में थोड़ा सा ज्ञान है तो आपको पता होगा कि एक अकेले व्यक्ति ने सुपर कंप्यूटर का निर्माण नहीं किया था, बल्कि बहुत सारे लोगों के योगदान की वजह से एक सुपर कंप्यूटर को बनाया गया. सुपर कंप्यूटर को बनाने में Seymour cray का बहुत बड़ा योगदान है.

विश्व का सबसे पहला कंप्यूटर सन् 1960 में बनाया गया था और फिर बाद में उसका नाम CDC 1604 रखा गया था.

तो दोस्तों यह थी Super Computer in Hindi पर लेख. इस लेख के जरिए हमने आपको यह बताने की कोशिश की है कि सुपर कंप्यूटर क्या है, सुपर कंप्यूटर किस तरह से कार्य करता है.

दोस्तों यह गेस्ट पोस्ट आर्टिकल Kishan Sarvaiya ने लिखा है. अगर आप चाहें तो उनके Blog को भी visit कर सकते हैं.

Kishan sarvaiya’s blog : www.thegreatinfo.in

2 COMMENTS

  1. bhia bahut achha likha hai super computer ke bare me aise hi knowledge bale content dalte raho bhi bahut hi badhiya tha ye information

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