कीलॉगर आपकी ऑनलाइन गोपनीयता को कैसे चुनौती देते हैं?

How do keylogger challenge your online privacy

अधिकांश इंटरनेट उपयोगकर्ता कीलॉगर के बारे में नहीं जानते और उन्हें ये भी नहीं पता की कैसे कीलॉगर उनकी ऑनलाइन गोपनीयता के लिए एक गंभीर ख़तरा है| चलिए इसे उदाहरण के माध्यम से समझते हैं| मान लीजिए की आप अपने कंप्यूटर पर नेट बेंकिंग का उपयोग कर रहे हैं और कोई व्यक्ति आपके पीछे रहकर आपकी सारी गतिविधियों पर नज़र रख रहा है| यह असुरक्षित लगता है, है ना? कीलॉगर भी यही करता है|

कीलॉगर क्या है?

मूल रूप से कीलॉगर एक सॉफ्टवेर है जो आपके कंप्यूटर कीबोर्ड पर आपके द्वारा टाइप किया गया डेटा इकट्ठा करता है| कीबोर्ड के अलावा कंप्यूटर माउस की गतिविधियाँ भी कीलॉगर चुरा सकता है| चुराए गये डेटा को साइबर हमलावर अपने दुर्भावनापूर्ण इरादों को पूरा करने के लिए उपयोग करते हैं जैसे की ऑनलाइन बैंकिंग के ज़रिए पैसे चुराना, अपमानजनक ईमेल संदेश भेजना, निजी डेटा विज्ञापन कंपनियों को बेच देना, आदि| हैकिंग हमलों का लक्ष्य केवल व्यक्तिगत उपयोगकर्ता ही नहीं हैं, बल्कि विभिन्न व्यवसाय, मेडिकल और हेल्थकेयर संस्थाएं, सरकार, सैन्य लक्ष्य, तथा शिक्षण संस्थान भी हैं|

कीलॉगर मूल रूप से दो प्रकार के हैं:-

#1 हार्डवेयर कीलॉगर

यह एक हार्डवेयर डिवाइस है जो कंप्यूटर केबल या पेन ड्राइव के जैसा होता है जिस वजह से कीलॉगर डिवाइस को छिपाना हमलावर के लिए आसान हो जाता है| हमलावर को डिवाइस को मैन्युअल रूप से अस्थापित करने की आवश्यकता है ताकि रिकार्ड की गयी जानकारी उस तक पहुँच सके|

#2 सॉफ्टवेयर कीलॉगर

यह एक कंप्यूटर प्रोग्राम है जिसे लक्ष्य किए गये कंप्यूटर पर डाउनलोड करके इनस्टॉल करना होता है| यह सॉफ्टवेयर प्रोग्राम मैलवेयर या रूटकिट का एक भाग हो सकता है जो इंटरनेट उपयोगकर्ता ने अनजाने मे डाउनलोड कर लिया हो| रिकार्ड की गयी जानकारी को समय-समय पर सर्वर पर अपडेट किया जाता है ताकि हमलावर चेक कर सके|

कीलॉगर् किस प्रकार की जानकारी को रिकार्ड करते हैं?

कीलॉगर् की क्षमता उनके प्रकार और लक्ष्य के अनुसार अलग-अलग होती है। विभिन्न प्रकार का रिकार्ड  किया जाने वाला डेटा नीचे दिया गया है:

  • उपयोगकर्ताओं द्वारा दर्ज किए गए पासवर्ड
  • समय समय पर कंप्यूटर का स्क्रीनशॉट
  • वेब ब्राउज़र पर की गयी गतिविधियाँ
  • डिवाइस पर चल रहे सभी प्रोग्राम की सूची
  • भेजे गए ईमेल की प्रतियां
  • सभी आईएम संदेशों के लॉग

एंटी-कीलॉगर उपाय

  • साइबर हमलावर आपके सिस्टम पर बहुत तरीकों से कीलॉगर इनस्टॉल कर सकते हैं, इसलिए एंटी-कीलॉगर सॉफ्टवेर इनस्टॉल करना सबसे अच्छा उपाय है| इस तरह के प्रोग्राम विशेष रूप से कीलॉगर सॉफ्टवेयर को खोजने और हटाने के लिए बनाए गए हैं|
  • हार्डवेर कीलॉगर का पता लगाने के लिए निरीक्षण किया जाना चाहिए| इसके अलावा, आप टू-फॅक्टर ऑतेनटिकेशन या वाय्स-तो-टेक्स्ट सॉफ्टवेयर का उपयोग कर सकते हैं|
  • किसी भी अंजान व्यक्ति को अपने कंप्यूटर पर काम ना करने दें. अपने कंप्यूटर का पासवर्ड किसी के साथ साझा ना करें|

इन तरीकों से कीलॉगर के लिए आपके डेटा को रिकार्ड करना मुश्किल हो जाता है|  हमें बतायें की इंटरनेट उपयोगकर्ता के रूप में आपके पास कीलॉगर से संबंधित क्या अनुभव है|

गेस्ट पोस्ट:- कनिका शर्मा REVE Antivirus के लिए लिखती हैं। पिछले 4 वर्षों से कंटेंट डेवलपर के रूप में कनिका ने विभिन्न प्रौद्योगिकी ब्लॉगों के लिए लिखा है। एक इंजीनियरिंग स्नातक होने के नाते, उसकी पृष्ठभूमि उसे अत्याधुनिक तकनीकों के साथ जुड़ने और असली दुनिया परिदृश्यों से संबंधित करने की अनुमति देती है।

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